From Wings of fire

हर दिन जियो ,जियाले 
जैसा  जीवन अपना पाओ 
जब मुसल हो ,मारो,
जब ओखल हो,चोटें खाओ.                          





पर्रिकल्पना और सर्जन के  बीच 
भावना और कर्म के बीच
पड़ती है परछाई
जिससे  बनता जीवन 
जीवन की भंगुरता .
    

 

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