WO........ series

जब 'उसकी' धुन में रहा करते थे ,
हम भी चुपचाप जिया करते थे ,
आँखों में प्यास हुआ करती थी ,
दिल में तूफान उठा करते थे ,
लोग आते थे गजल सुनाने,
हम उसकी बात किया करते थे,
सच समझते थे उसके वादे को ,
रात- दिन घर में रहा करते थे,
किसी वीराने में उससे मिलकर ,
दिल में क्यूँ फूल खिला करते थे,
घर की दिवार सजाने की खातिर,
हम उनका नाम लिखा करते थे,
आज किसी को प्यार की बातें करते,
देखा तो , याद आया,
की,
हम भी कभी मोहब्बत किया करते थे.

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